Nahi Koi Iska Marham / नहीं कोई इसका मरहम ( Poetry On Life)

Nahi Koi Iska Marham  /  नहीं कोई इसका मरहम  ( Poetry On Life)     जीवन के सफर में लगे जख्मों का कोई नहीं मरहम  बस होंठो पे आयी मुस्कुराहट, ही है इसका इलाज   अपनी आखों से बहते आँसुओं को करके नजरअंदाज   उम्मीदों का दामन थामे रखना ही है इसका उपचार   मुश्किलें मिलेगी राहों में कुछ सहनीय-कुछ असहनीय  हाथ बड़ा तुम लगाना गले उन्हे, हो जायेंगी वो शांत  गुजर जाएगा पल ये एक दिन, लाना मन में विचार  यकीनन ज़िंदगी की हर परेशानी का ये ही है समाधान  खुशियों, और गमों का संगम है जीवन, जान लो ये बात  दोनों संग चलना होगा ज़िंदगी के सफ़र में, नहीं कोई निदान                                              -दीपिका जैन




Nahi Koi Iska Marham  /  नहीं कोई इसका मरहम  ( Poetry On Life) 

जीवन के सफर में लगे जख्मों का कोई नहीं मरहम

बस होंठो पे आयी मुस्कुराहट, ही है इसका इलाज 

अपनी आखों से बहते आँसुओं को करके नजरअंदाज 

उम्मीदों का दामन थामे रखना ही है इसका उपचार 

मुश्किलें मिलेगी राहों में कुछ सहनीय-कुछ असहनीय

हाथ बड़ा तुम लगाना गले उन्हे, हो जायेंगी वो शांत

गुजर जाएगा पल ये एक दिन, लाना मन में विचार

यकीनन ज़िंदगी की हर परेशानी का ये ही है समाधान

खुशियों, और गमों का संगम है जीवन, जान लो ये बात

       दोनों संग चलना होगा ज़िंदगी के सफ़र में, नहीं कोई निदान      

                                      -दीपिका जैन

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