Aasma Mein Athkheliyan / आसमां में अठखेलियाँ (Poetry On Moon)
अर्धचंद्र आसमां में, अपनी मौजूदगी बताता हुआ
कर रहा है गुफ्तगू सितारों संग, शायद कुछ गंभीर
इस दौरान कभी बदरा करते हस्तक्षेप उनके बीच
कभी चाँद छुपाते अपने पीछे, तो कभी कोई तारा
अठखेलियाँ चल रहीं है निरंतर फ़लक पे दर्शनीय
निहार रही है धरा भी उन्हें मुस्कुराकर इतराते हुए
क्योकि उसे नसीब हुआ है अपलक दृश्य ये देखना
यक़ीनन हो रहा है मनोरंजन ज़मीं का आधी रात में
खेल रहे है चाँद-सितारें संग मेघ जैसे हो कोई बालक
अर्धचंद्र आसमां में, अपनी मौजूदगी बताता हुआ
कर रहा है गुफ्तगू सितारों संग, शायद कुछ गंभीर
-दीपिका जैन

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