Muraad Ye Meri / मुराद ये मेरी (Poetry On Dream)
Muraad Ye Meri / मुराद ये मेरी (Poetry
On Dream)
ख्वाहिश है हक़ीक़त में हो जाए तब्दील ख्वाब मेरे
मुराद ये हो जाए मुकम्मल, है दुआ खुदा से ये मेरी
देखती हूँ सपना आसमाँ में उड़ने का, पंख फ़ैला अपने
बेशुमार मशक्कत कर, तरक्की करने का जीवन में अपने
चढ़ती रहूँ सीढ़ियाँ कामयाबी की, कुछ ऐसा है ख्याल मेरा
ना रुकूँ, ना झुकूँ, मुश्किल राहों पे कभी, सोचती हूँ
कुछ ऐसा
ख्वाहिश है हक़ीक़त में हो जाए तब्दील ख्वाब मेरे
मुराद ये हो जाए मुकम्मल, है दुआ खुदा से ये मेरी
जानती हूँ दुश्वार है निभाना, खुद से किया ये वादा मेरा
मालूम है आसां नहीं राह जीवन की, काँटे बिछे है ढेरों
इसमे
यकीनन तोड़ेंगे जो हौंसला बार-बार मेरा, लेंगे परीक्षा
हर कदम पे
फिर भी नहीं थमूँगी, नहीं रुकूँगी, छूना हैं जो आसमाँ
एक दिन मुझे
ख्वाहिश है हक़ीक़त में हो जाए तब्दील ख्वाब मेरे
मुराद ये हो जाए मुकम्मल, है दुआ खुदा से ये मेरी
-दीपिका जैन

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