Pyar Ki Raahon Pe / प्यार की राहों पे (Poetry On Valentine's Day)
इज़हार-ए-इश्क का दिन हुआ है मुकर्रर
इश्क करने वालों को था इंतजार इसका
देख रहा था मैं भी शिददत से राह इसकी
बेसब्र था तुझसे मिलने को इस दिन यकीनन
करना चाहता हूँ ज़ाहिर मोहब्बत तुझसे अपनी
लेकिन तू ठुकरा ना दे प्यार मेरा, बेरहमी से
कैसे जीऊँगा तुझ बिन, है ये कश्मकश ज़ेहन में
यूँ तो आता है नजर तेरी निगाहों में इश्क
जुबां पर क्या होंगे अल्फ़ाज़, बेखबर हूँ उनसे
फिर भी कहता हूँ अपनी बात इस उम्मीद से
इश्क है तुझसे, आज से नहीं कई सालों से
क्या चलेगी तू मुझ संग, प्यार की राहों पे
❤ Happy Valentine’s Day ❤

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