Adhuri Hain Kuch Baatein / अधूरी है कुछ बातें (Poetry On Love )

Adhuri Hain Kuch Baatein / अधूरी है कुछ बातें (Poetry On Love )    अधूरी हैं कुछ बातें, कुछ मुलाकातें करनी हैं जो तुझ संग  सुनाना है हाल-ए-दिल खुद का, सुननी है तेरे दिल की बात  सांझा करनी हैं कुछ खुशियाँ एक-दूसरे से हमें चाँदनी रात में  बाँटने हैं ग़म सारे, पोंछने हैं आँसू एक-दूसरे की आँखों से हमें  गर दीवार ना बने ज़माना ये, हमारे मिलन का दुबारा ऐ सनम  बस गवाह बने ये चाँद-सितारें हमारी प्यार भरी मुलाकात के  ना जाने क्यों ले रही इम्तिहान हमारी मोहब्बत का ये दुनिया  उठता है सवाल ये ज़ेहन में रात और दिन हमारे, पर बेबस हैं  अधूरी हैं कुछ बातें, कुछ मुलाकातें करनी हैं जो तुझ संग  सुनाना है हाल-ए-दिल खुद का, सुननी है तेरे दिल की बात                                                      -दीपिका जैन

                                                     Image by Stefan Schweihofer from Pixabay


                         Adhuri Hain Kuch Baatein / अधूरी है कुछ बातें (Poetry On Love )


अधूरी हैं कुछ बातें, कुछ मुलाकातें करनी हैं जो तुझ संग

सुनाना है हाल-ए-दिल खुद का, सुननी है तेरे दिल की बात

सांझा करनी हैं कुछ खुशियाँ एक-दूसरे से हमें चाँदनी रात में

बाँटने हैं ग़म सारे, पोंछने हैं आँसू एक-दूसरे की आँखों से हमें

गर दीवार ना बने ज़माना ये, हमारे मिलन का दुबारा ऐ सनम

बस गवाह बने ये चाँद-सितारें हमारी प्यार भरी मुलाकात के

ना जाने क्यों ले रही इम्तिहान हमारी मोहब्बत का ये दुनिया

उठता है सवाल ये ज़ेहन में रात और दिन हमारे, पर बेबस हैं

अधूरी हैं कुछ बातें, कुछ मुलाकातें करनी हैं जो तुझ संग

सुनाना है हाल-ए-दिल खुद का, सुननी है तेरे दिल की बात

                                                    -दीपिका जैन

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