Antaheen Khwahishein / अन्तहीन ख्वाहिशें (Poetry On Life)

 Antaheen khwahishein / अन्तहीन ख्वाहिशें (Poetry On Life)    अंतहीन ख्वाहिश रहती हैं दिल में मुकम्मल होने के इंतजार में  कुछ को मिलता मुकाम तो कुछ तोड़ देती हैं बीच राह में ही दम  कभी आती है उनके टूटने की आवाज तो कभी छi जाती है खामोशी  आशा और निराशा का ये संगम जीवन-चक्र का है एक रूप निराला  किसी की आँखों से बहते आँसू, तो कोई मुस्कुराता है दिल से बेशुमार  अजब है सिलसिला जो चलता ही रहता है लगातार ज़िंदगी के सफ़र में  इल्म नहीं होता ज़िंदगी के अगले पल का फिर भी मानता नहीं ये दिल  देखता है ख्वाब बेहिसाब, कम रह जाती है हयात ये उन्हे कामिल करने को  अंतहीन ख्वाहिश रहती हैं दिल में मुकम्मल होने के इंतजार में  कुछ को मिलता मुकाम तो कुछ तोड़ देती हैं बीच राह में ही दम                                                 -दीपिका जैन





       Antaheen Khwahishein / अन्तहीन ख्वाहिशें (Poetry On Life)



अंतहीन ख्वाहिश रहती हैं दिल में मुकम्मल होने के इंतजार में

कुछ को मिलता मुकाम तो कुछ तोड़ देती हैं बीच राह में ही दम

कभी आती है उनके टूटने की आवाज तो कभी छi जाती है ख़ामोशी 

आशा और निराशा का ये संगम जीवन-चक्र का है एक रूप निराला

किसी की आँखों से बहते आँसू, तो कोई मुस्कुराता है दिल से बेशुमार

अजब है सिलसिला जो चलता ही रहता है लगातार ज़िंदगी के सफ़र में

इल्म नहीं होता ज़िंदगी के अगले पल का फिर भी मानता नहीं ये दिल

देखता है ख्वाब बेहिसाब, कम रह जाती है हयात ये उन्हे कामिल करने को

अंतहीन ख्वाहिश रहती हैं दिल में मुकम्मल होने के इंतजार में

कुछ को मिलता मुकाम तो कुछ तोड़ देती हैं बीच राह में ही दम

                                               -दीपिका जैन

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