Badalta Hai Waqt / बदलता है वक्त (Poetry On Life)
Badalta Hai Waqt / बदलता है
वक्त (Poetry On
Life)
बदलता है वक्त, तो बदल जाता है सबवकुछ
बदलते है हालात, बदलता है तरीका जीने का
लाता है किसी के जीवन खुशियाँ बेशुमार ये
तो कहीं ले आता है सैलाब आँसुओं का अपार
बढ़ जाती हैं मुश्किलें जीना पड़ता है जब वक्त ये
क्योंकि होता नहीं मुमकिन इंसा का खुद को बदलना
यूँ तो खुशियाँ करना स्वीकार होता है आसान
लेकिन गमों के बारें में सोच भी दहल जाता है दिल
शायद यही है जीवन-चक्र और चलना है हमें इस संग
बदलता है वक्त, तो बदल जाता है सबवकुछ
बदलते है हालात, बदलता है तरीका जीने का
-दीपिका जैन

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