Duniya Phoolon Ki / दुनिया फूलों की (Poetry On Flowers)

Duniya Phoolon Ki / दुनिया फूलों की (Poetry On Flowers)     लाल, गुलाबी, पीले, नारंगी सफेद और जामुनी  खिले है फूल उपवन में दृश्य है ये मनमोहक  करते है आकर्षित अपनी ओर हर पल, हर क्षण  महकती है बगिया इनसे निरंतर अद्भुत है ये सभी  ठहर जाए ये वक्त, रुक जाऊँ मैं यही निहारने को इन्हे  है ख्वाहिश कुछ ऐसी लेकिन मुमकिन नहीं हकीकत में  खुशकिस्मत है भँवरें वो करते हैं जो रसपान इन फूलों का  रहते है अनवरत इस फुलवारी में मंडराते हुए चहुँ ओर  यकीनन अधूरी है ये कायनात इस अतुलनीय मंज़र के  लाल, गुलाबी, पीले, नारंगी सफेद और जामुनी  खिले है फूल उपवन में दृश्य है ये मनमोहक     -दीपिका जैन


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Duniya Phoolon Ki / दुनिया फूलों की (Poetry On Flowers) 


लाल, गुलाबी, पीले, नारंगी, सफेद, और जामुनी

खिले है फूल उपवन में दृश्य है ये मनमोहक

करते है आकर्षित अपनी ओर हर पल, हर क्षण

महकती है बगिया इनसे निरंतर अद्भुत है ये सभी

ठहर जाए ये वक्त, रुक जाऊँ मैं यही निहारने को इन्हे

है ख्वाहिश कुछ ऐसी लेकिन मुमकिन नहीं हकीकत में

खुशकिस्मत है भँवरें वो करते हैं जो रसपान इन फूलों का

रहते है अनवरत इस फुलवारी में मंडराते हुए चहुँ ओर

यकीनन अधूरी है ये कायनात इस अतुलनीय मंज़र के

लाल, गुलाबी, पीले, नारंगी, सफेद, और जामुनी

खिले है फूल उपवन में दृश्य है ये मनमोहक 


-दीपिका जैन

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