Beti Hai To Kya Hua / बेटी है तो क्या हुआ (Poetry On Girl Child )

Beti Hai To Kya Hua / बेटी है तो क्या हुआ (Poetry On Girl Child )      एक पल मुस्कुराती हूँ, तो अगले ही पल ड़र जाती हूँ  देख अपनी बिटिया का मासूम चेहरा घबरा जाती हूँ   लड़की है तू तो, सुनेगी ताने रात-दिन दुनिया से मानती हूँ   करेंगे सब तुलना उसकी घर-आँगन में लड़कों से जानती हूँ   नन्हे-नन्हे हाथों को ले उसके, अपने हाथों में कहती हूँ   सिखाऊँगी लड़ना उसे हर मुश्किल से वादा करती हूँ   मुश्किल होगा सफर ये , मेरे लिए यक़ीनन जानती हूँ   होगा नहीं कोई हमसफ़र मेरा इस सफ़र में समझती हूँ   फिर भी बढ़ाऊँगी  कदम आगे ही आगे सोच मुस्कुराती हूँ   बनेगी कामयाब ज़रूर मेरी बिटिया, छुएगी आसमां कहती हूँ   बेटी है  तो क्या हुआ, मैं क्या इसे लड़को से कम मानती हूँ     -दीपिका जैन


Beti Hai To Kya Hua / बेटी है तो क्या हुआ (Poetry On Girl Child ) 



एक पल मुस्कुराती हूँ, तो अगले ही पल ड़र जाती हूँ

देख अपनी बिटिया का मासूम चेहरा घबरा जाती हूँ 

लड़की है तू तो, सुनेगी ताने रात-दिन दुनिया से मानती हूँ 

करेंगे सब तुलना उसकी घर-आँगन में लड़कों से जानती हूँ 

नन्हे-नन्हे हाथों को ले उसके, अपने हाथों में कहती हूँ 

सिखाऊँगी लड़ना उसे हर मुश्किल से वादा करती हूँ 

मुश्किल होगा सफर ये , मेरे लिए यक़ीनन जानती हूँ 

होगा नहीं कोई हमसफ़र मेरा इस सफ़र में समझती हूँ 

फिर भी बढ़ाऊँगी  कदम आगे ही आगे सोच मुस्कुराती हूँ 

बनेगी कामयाब ज़रूर मेरी बिटिया, छुएगी आसमां कहती हूँ 

बेटी है  तो क्या हुआ, मैं क्या इसे लड़को से कम मानती हूँ 


-दीपिका जैन 

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