Saath Tera / साथ तेरा (Poetry On Love)
दुआओं में माँगता हूँ खुशी तेरी, हर पल मैं
लबों पे माँगता हूँ हँसी तेरे, हर पल मैं
जानता हूँ आयेंगे तूफान कई तेरी ज़िंदगी में
होगा नहीं कठिन वक़्त वो तेरे लिए वाकिफ़ हूँ मैं
है हर कदम साथ उम्मीदों का तेरे मानता हूँ मैं
ज़िंदगी के उस सफ़र का बनना चाहता हूँ हमसफ़र मैं
दुआओं में माँगता हूँ खुशी तेरी, हर पल मैं
लबों पे माँगता हूँ हँसी तेरे, हर पल मैं
ऐसी भी क्या नाराजगी है जानना चाहता हूँ मैं
क्यों है तू खफा-खफा तुझसे ही सुनना चाहता हूँ मैं
ऐसा क्या माँग लिया तुझसे, पूछना चाहता हूँ मैं
चाहता हूँ हक प्यार का क्या इस लायक भी नहीं मैं
दुआओं में माँगता हूँ खुशी तेरी, हर पल मैं
लबों पे माँगता हूँ हँसी तेरे, हर पल मैं
-दीपिका जैन

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