Khushiyon Ki Chabi / खुशियों की चाबी ( Poetry On Happiness)
Khushiyon Ki Chabi / खुशियों की चाबी ( Poetry On Happiness)
ढूँढते है चाबी खुशियों की हर पल यहाँ-वहाँ
लेकिन मिलती है वो हर बार, हमारे पास
आँसुओं को दे देते है जगह अपनी जिंदगी में
ये जानते हुए उनका नही कोई काम हमारे पास
रहते है असमंजस में हर वक्त कैसी है विडंबना
जो नहीं चाहिए वो होता है अधिकतर हमारे पास
और है जिसकी दरकार हमें मिलता नहीं वो कभी
सोचते हैं क्या होना चाहिए क्या नहीं हमारे पास
अपना लेते हैं दुखों को ये सोच तकदीर हैं हमारी
तो फिर कैसै मिलेगी चाबी खुशियों की हमारे पास
ढूँढते है चाबी खुशियों की हर पल यहाँ-वहाँ
लेकिन मिलती है वो हर बार, हमारे पास
-दीपिका जैन

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें