Junoon / जुनून (Poetry On Optimism)

Junoon / जुनून (Poetry On Optimism)    दूरियाँ बहुत थी हम दोनों के दरमियान  हमारे मिलन की किसी को उम्मीद ना थी   कोशिशे थी जारी बेशुमार, पर फतेह ना थी   अधूरी ना रह जाए ख्वाहिश ये, खौफ ना था  था यकीं खुद पे इतना, नही है संग कोई इल्म ना था   हर कदम थे काँटें राहों में पर उनमे चुभन ना थी   ना जाने क्यो नजर आ रहे थे पर कहीं फूल ना थे   हर किसी की नजर में ये दीवानेपन से कम ना था   यही जूनून ले जाएगा कभी मंजिल तक सोचा ना था   मिट गई दूरियाँ,  हो गए पूरे ख्वाब, पर सफर आसां ना था   यकीनन ख्वाहिशों को पूरा करने का जूनून भी तो कम ना था    -दीपिका जैन

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Junoon / जुनून (Poetry On Optimism)


दूरियाँ बहुत थी हम दोनों के दरमियान

हमारे मिलन की किसी को उम्मीद ना थी 

कोशिशे थी जारी बेशुमार, पर फतेह ना थी 

अधूरी ना रह जाए ख्वाहिश ये, खौफ ना था

था यकीं खुद पे इतना, नही है संग कोई इल्म ना था 

हर कदम थे काँटें राहों में पर उनमे चुभन ना थी 

ना जाने क्यो नजर आ रहे थे पर कहीं फूल ना थे 

हर किसी की नजर में ये दीवानेपन से कम ना था 

यही जूनून ले जाएगा कभी मंजिल तक सोचा ना था 

मिट गई दूरियाँ,  हो गए पूरे ख्वाब, पर सफर आसां ना था 

यकीनन ख्वाहिशों को पूरा करने का जूनून भी तो कम ना था


-दीपिका जैन 

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