Ummid Hai Humsafar / उम्मीद है हमसफर (Poetry On Hope)

Ummid Hai Humsafar / उम्मीद है हमसफर (Poetry On Hope)    ज़िन्दगी में कुछ लम्हे आते हैं ऐसे, जाता है टूट इंसा   रहती नही उम्मीद कोई जीने की, जब मंडराता है संकट   थक जाता हैं बहाते-बहाते आँसू, मुस्कान आती नहीं   अपना हो या पराया दूर-दूर तक नज़र कोई आता नहीं   ग़र निभाती है साथ तो उम्मीद, ना जाती छोड़ हमें कभी   हो सुख या आये दुःख, हर पल रहती साथ खड़ी हमारे   पहुँचाती महफ़ूज़ मंज़िल पे, चाहे मिले काँटें राहों में   हर दुविधा से वो उबारती, बस माँगती साथ इंसा का   ये उम्मीद ही तो है जो सिखाती मुस्कुराना दुखों में भी   बस कर लो वादा खुद से, उम्मीद का दामन ना छोड़ेंगे   हर परिस्थिति में, इसको ही अपना हमसफ़र समझेंगे     -दीपिका जैन


Ummid Hai Humsafar / उम्मीद है हमसफर (Poetry On Hope)


ज़िन्दगी में कुछ लम्हे आते हैं ऐसे, जाता है टूट इंसा 

रहती नही उम्मीद कोई जीने की, जब मंडराता है संकट 

थक जाता हैं बहाते-बहाते आँसू, मुस्कान आती नहीं 

अपना हो या पराया दूर-दूर तक नज़र कोई आता नहीं 

ग़र निभाती है साथ तो उम्मीद, ना जाती छोड़ हमें कभी 

हो सुख या आये दुःख, हर पल रहती साथ खड़ी हमारे 

पहुँचाती महफ़ूज़ मंज़िल पे, चाहे मिले काँटें राहों में 

हर दुविधा से वो उबारती, बस माँगती साथ इंसा का 

ये उम्मीद ही तो है जो सिखाती मुस्कुराना दुखों में भी 

बस कर लो वादा खुद से, उम्मीद का दामन ना छोड़ेंगे 

हर परिस्थिति में, इसको ही अपना हमसफ़र समझेंगे 


-दीपिका जैन 

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