Aate Hi Bitiya Ke / आते ही बिटिया के (Poetry On Girl Child)

Aate Hi Bitiya Ke / आते ही बिटिया के  (Poetry On Girl Child)     आते ही बिटिया के जीवन मैं मेरे खुशियों का अनंत भंडार आ गया  देख उसकी पहली झलक होंठों पे मुस्कान, आँखों में आँसू आ गया  सुनाई दे रही हैं मुझको बार-बार उसकी खिलखिलाहट ये कौन आ गया  उसकी शैतानियों पे ना जाने क्यों, ना चाहते हुए भी मुझे प्यार आ गए  बिटिया के पायल की झंकार पड़ते ही कानों में मन प्रसन्न हो गया  सुन उसकी तुतलाती मीठी-मीठी बोली हर श्रोता दिल से मुस्कुरा गया  चलती है जब वो ठुमक-ठुमक लगता है कोई खुदा का फ़रिश्ता आ गया  करते थे जो उससे बेवजह नफरत आज उन्हे भी उस पे प्यार आ गया  हूँ बेहद खुश, क्योंकि आज बिटिया का मेरी देखो हर ओर वर्चस्व छा गया  कहते थे जो बिटिया क्यों, बेटा क्यों नहीं, उन्हे प्यार उसका चुप करा गया  आते ही बिटिया के जीवन मैं मेरे खुशियों का अनंत भंडार आ गया  देख उसकी पहली झलक होंठों पे मुस्कान, आँखों में आँसू आ गया     -दीपिका जैन


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Aate Hi Bitiya Ke / आते ही बिटिया के  (Poetry On Girl Child)

 

आते ही बिटिया के जीवन मैं मेरे खुशियों का अनंत भंडार आ गया

देख उसकी पहली झलक होंठों पे मुस्कान, आँखों में आँसू आ गया

सुनाई दे रही हैं मुझको बार-बार उसकी खिलखिलाहट ये कौन आ गया

उसकी शैतानियों पे ना जाने क्यों, ना चाहते हुए भी मुझे प्यार आ गए

बिटिया के पायल की झंकार पड़ते ही कानों में मन प्रसन्न हो गया

सुन उसकी तुतलाती मीठी-मीठी बोली हर श्रोता दिल से मुस्कुरा गया

चलती है जब वो ठुमक-ठुमक लगता है कोई खुदा का फ़रिश्ता आ गया

करते थे जो उससे बेवजह नफरत आज उन्हे भी उस पे प्यार आ गया

हूँ बेहद खुश, क्योंकि आज बिटिया का मेरी देखो हर ओर वर्चस्व छा गया

कहते थे जो बिटिया क्यों, बेटा क्यों नहीं, उन्हे प्यार उसका चुप करा गया

आते ही बिटिया के जीवन मैं मेरे खुशियों का अनंत भंडार आ गया

देख उसकी पहली झलक होंठों पे मुस्कान, आँखों में आँसू आ गया

 

-दीपिका जैन 

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