Dost Bin Jeevan Adhura / दोस्त बिन जीवन अधूरा (Poetry On Friendship)
बेहद ही सुंदर होता है रिश्ता दोस्ती
का, इस बिन जीवन अधूरा
मिलते हैं लोग बेशुमार राहों में, लेकिन दोस्त करता जीवन पूरा
कुछ कहें या ना कहें, यकीनन समझता है वो हाल-ए-दिल हमारा
रिश्ता नही उस संग सिर्फ अल्फ़ाज़ों का, जुड़ी है जज़्बातों की धारा
गमों की दुनिया में रहते हैं जब हम, बहा आँसू रोता है दोस्त हमारा
गर खुशियाँ आई हो हयात मैं हमारे, तो मुस्काता है वो दिन सारा
बेहद ही सुंदर होता है रिश्ता दोस्ती
का, इस बिन जीवन अधूरा
मिलते हैं लोग बेशुमार राहों में, लेकिन दोस्त करता जीवन पूरा
दोस्त हो चाहे बचपन का, या फिर जवानी में मिला हो कोई आवारा
अधेड़ अवस्था में मिला हो संग तजुर्बों
के, या फिर बुढ़ापे में
कोई न्यारा
हर रिश्ते से होता है खास, अवर्णनीय, क्योंकि समझता है वो
दर्द हमारा
दिल से चाह है हर जन्म में मिले एक
दोस्त मुझको दुनिया में सबसे प्यारा
बेहद ही सुंदर होता है रिश्ता दोस्ती
का, इस बिन जीवन अधूरा
मिलते हैं लोग बेशुमार राहों में, लेकिन दोस्त करता जीवन पूरा
-दीपिका जैन

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