Dard Bahut Diye Hain / दर्द बहुत दिए हैं (A Sad Love Poetry)

Dard Bahut Diye Hain / दर्द बहुत दिए हैं (A Sad Love Poetry)   दर्द बहुत दिए हैं तेरी मोहब्बत ने मुझे  बहते हैं आँसू आज भी तेरी याद में मेरे  किया था मैंने तो शिद्दत से इश्क़ तुझसे  पर तेरे ज़ेहन को ना पढ़ सका मैं कभी  यूँ तो क़ाबिल-ए-तारीफ़ हैं तेरा दिखावा  प्यार में यूँ किसी के ज़ज़्बातों से खेलना  फिर भी ना जाने क्यों हो गयी हैं नफ़रत  तेरी ख़ूबसूरत-सी सूरत से आज मुझको  लेकिन तेरी सीरत का कायल हूँ मैं आज भी  वाकिफ़ हूँ इस बात से आसां नहीं यूँ अपने  इश्क़ को करना कुर्बान किसी ओर के लिए     -दीपिका जैन



Dard Bahut Diye Hain / दर्द बहुत दिए हैं (A Sad Love Poetry) 

दर्द बहुत दिए हैं तेरी मोहब्बत ने मुझे

बहते हैं आँसू आज भी तेरी याद में मेरे

किया था मैंने तो शिद्दत से इश्क़ तुझसे

पर तेरे ज़ेहन को ना पढ़ सका मैं कभी

यूँ तो क़ाबिल-ए-तारीफ़ हैं तेरा दिखावा

प्यार में यूँ किसी के ज़ज़्बातों से खेलना

फिर भी ना जाने क्यों हो गयी हैं नफ़रत

तेरी ख़ूबसूरत-सी सूरत से आज मुझको

लेकिन तेरी सीरत का कायल हूँ मैं आज भी

वाकिफ़ हूँ इस बात से आसां नहीं यूँ अपने

इश्क़ को करना कुर्बान किसी ओर के लिए

 

-दीपिका जैन 



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