Ye Naa Sochna / ये ना सोचना (Poetry On Love)
Ye Naa Sochna / ये ना सोचना (Poetry On Love)
ये ना सोचना तू की भूल गए हैं तुझे, तू तो आज भी मेरे दिल में हैं
तेरा यूँ जुल्फों को झटक कर सुखाना, याद हैं मुझे आज भी
तेरा पलकें झुका मंद-मंद मुस्कुराना, याद है मुझे आज भी
वो चाँद की रोशनी में बैठ बातें करना हमारा, याद हैं मुझे आज भी
घंटों तक एक दूसरे का रूठना-मनाना, याद हैं मुझे आज भी
फ़रमाइश पे तेरी गीत कोई गुनगुनाना मेरा, याद हैं मुझे आज भी
लेकिन मज़बूरी हैं मेरी, इस जन्म में बना नहीं सकता तुझे अपना
कर देना माफ तू मुझे, हार गया हूँ ज़माने के ज़ुल्मों-सितम से ऐ सनम
ये ना सोचना तू की भूल गए हैं तुझे, तू तो आज भी मेरे दिल में हैं
-दीपिका जैन

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