Mummy-Papa / मम्मी-पापा (Poetry On Parents)
Mummy-Papa / मम्मी-पापा (Poetry On Parents)
मम्मी-पापा, होते हैं धरा पे स्वरूप ईश्वर का,
अस्तित्व हैं इनसे हमारा,
जीवनदाता हैं ये हमारे
हमारे दुनिया में आने से पहले ही जुड़ जाता हैं
कभी ना टूटने वाला रिश्ता इन संग अटूट हमारा
हर पल जीते हैं ये हमारे लिए, सोचते ना खुद के लिए
सिखाते जब चलना पहला क़दम हाथ पकड़कर हमारा
भर देते विश्वास हमारे अंदर कुछ कर दिखाने का
मम्मी-पापा, होते हैं धरा पे स्वरूप ईश्वर का,
अस्तित्व हैं इनसे हमारा, जीवनदाता हैं ये हमारे
ज़िंदगी भर ये निभाते साथ, हमसाया बनकर हमारा
चाहे हो वक़्त ख़ुशी का या आया हो ग़म जीवन में हमारे
करते नहीं कभी मार्गदर्शन गलत हमारा, चाहे हो तरीका कोई
एक मम्मी-पापा ही होते हैं जो चाहते नहीं कभी ग़लत हमारा
आदरणीय है ये ख़ुदा से पहले झुककर करे हम सज़दा इनका
मम्मी-पापा, होते हैं धरा पे स्वरूप ईश्वर का,
अस्तित्व हैं इनसे हमारा, जीवनदाता हैं ये हमारे
-दीपिका जैन

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