Happy Father's Day 2021 / पिता दिवस की शुभकामनायें 2021 (Poetry On Father's Day)


Happy Father's Day 2021 / पिता दिवस की शुभकामनायें 2021 (Poetry On Father's Day)   अल्फ़ाज़ों में कर नहीं सकते बयां तस्वीर पिता की हमारे लिए ख़ुदा का भेजा हुआ फ़रिश्ता हैं वो ज़मीं पे बिन कहे ही हमारी हर ख़्वाहिश मुकम्मल करते हैं वो दुनिया की हर ख़ुशी हमारे कदमों में बिछा देते हैं वो आँसुओं को पोंछ, हमारे होंठों पे लाते हैं मुस्कान वो हक़ीक़त में तो केवल हमारे लिए ही ये जीवन जीते हैं वो अल्फ़ाज़ों में कर नहीं सकते बयां तस्वीर पिता की हमारे लिए ख़ुदा का भेजा हुआ फ़रिश्ता हैं वो ज़मीं पे अगिनित कुर्बानियाँ देते हैं, हमारे लिए ही हमसे जुदा रहते  हैं वो बतलाते नहीं कभी तक़लीफ़ खुद की, बस मुस्कुराते रहते हैं वो होती नहीं हैं माँ जिनकी, उनके लिए बखूबी माँ का फ़र्ज़ निभाते हैं वो दिनभर तो करते मेहनत मज़दूरी, रातों में लोरियाँ गुनगुनाते हैं वो अल्फ़ाज़ों में कर नहीं सकते बयां तस्वीर पिता की हमारे लिए ख़ुदा का भेजा हुआ फ़रिश्ता हैं वो ज़मीं पे  -दीपिका जैन

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Happy Father's Day 2021 / पिता दिवस की शुभकामनायें 2021 (Poetry On Father's Day)

  

अल्फ़ाज़ों में कर नहीं सकते बयां तस्वीर पिता की

हमारे लिए ख़ुदा का भेजा हुआ फ़रिश्ता हैं वो ज़मीं पे

बिन कहे ही हमारी हर ख़्वाहिश मुकम्मल करते हैं वो

दुनिया की हर ख़ुशी हमारे कदमों में बिछा देते हैं वो

आँसुओं को पोंछ, हमारे होंठों पे लाते हैं मुस्कान वो

हक़ीक़त में तो केवल हमारे लिए ही ये जीवन जीते हैं वो

अल्फ़ाज़ों में कर नहीं सकते बयां तस्वीर पिता की

हमारे लिए ख़ुदा का भेजा हुआ फ़रिश्ता हैं वो ज़मीं पे

अगिनित कुर्बानियाँ देते हैं, हमारे लिए ही हमसे जुदा रहते  हैं वो

बतलाते नहीं कभी तक़लीफ़ खुद की, बस मुस्कुराते रहते हैं वो

होती नहीं हैं माँ जिनकी, उनके लिए बखूबी माँ का फ़र्ज़ निभाते हैं वो

दिनभर तो करते मेहनत मज़दूरी, रातों में लोरियाँ गुनगुनाते हैं वो

अल्फ़ाज़ों में कर नहीं सकते बयां तस्वीर पिता की

हमारे लिए ख़ुदा का भेजा हुआ फ़रिश्ता हैं वो ज़मीं पे

 

-दीपिका जैन


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