Dosti Ek Aisa Rishta / दोस्ती एक ऐसा रिश्ता (Poetry On Friendship)
Dosti
Ek Aisa Rishta / दोस्ती एक ऐसा रिश्ता (Poetry
On Friendship)
बहुत से रिश्ते बने ज़िन्दगी में, पर दोस्ती-सा बना न कोई
बड़ा ही अद्भुत हैं रिश्ता ये, देता हैं केवल माँगता कुछ नहीं
बाकी रिश्तों की तरह दुनिया दिखाने को कोई दिखावा करता नहीं
ग़र हो जाए नाराज़ एक दोस्त तो, दूसरा उसे कुछ
ऐसे मनाए
पलभर में ही नाराज़गी दूर भगाए, उम्रभर कोई अहसान ना जताए
हक़ीक़त में तो ये हैं एक ऐसा रिश्ता जिसको किया ना जा सके बयां
शब्दों में
खुशकिस्मत हैं वो जिनके होते हैं दोस्त, समझ जाते हैं हर बात बिन कहे
दिल भरा हो ख़ुशियों से या बात हो कोई ग़म की संभाल लेता दोस्त सबकुछ
आज माँगता हूँ ख़ुदा से, रहे दोस्ती बरकरार मेरी भी संग मेरे दोस्त के हमेशा
बहुत से रिश्ते बने ज़िन्दगी में, पर दोस्ती-सा बना न कोई
बड़ा ही अद्भुत हैं रिश्ता ये, देता हैं केवल माँगता कुछ नहीं
-दीपिका जैन

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें