Papa Hamare / पापा हमारे (Poetry On Father)
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Papa Hamare / पापा हमारे
(Poetry On
Father)
यूँ तो पापा हमारे हैं अच्छे बहुत, पर वक़्त नहीं हैं पास उनके हमारे लिए
करते हैं वो प्यार हमसे बेहद, पर वक़्त नहीं हैं पास उनके जताने के लिए
चले जाते वो घर से उठने से पहले हमारे, हो पाती नहीं मुलाक़ात हमारी
लौटते तो सो जाते हम करके इंतज़ार उनका, गुजर जाता यूँ ही हफ्ता पूरा
कभी-कभी तो इतवार को भी जाते हैं वो काम पे, छोड़ हमारे मायूस चेहरे
क्या हमारी ज़रूरतें हैं इतनी ज्यादा, क्यों नहीं बिता पाते वो वक़्त साथ हमारे
यूँ तो पापा हमारे हैं अच्छे बहुत, पर वक़्त नहीं हैं पास उनके हमारे लिए
करते हैं वो प्यार हमसे बेहद, पर वक़्त नहीं हैं पास उनके जताने के लिए
कहती हैं मम्मी हर वक़्त, व्यस्त हैं पापा तुम्हारे, मुझसे कहो जो कहना हैं
और करती हैं वो शिद्दत से हर ख़्वाहिश हमारी मुकम्मल, बिन हमारे कहे
फिर भी लगती हैं ये ज़िन्दगी अधूरी-सी हमें, बिन पापा का साथ मिले
कुछ तो वक़्त गुजारो संग हमारे, कमी नहीं होती पूरी आपकी माँ के प्यार से
यूँ तो पापा हमारे हैं अच्छे बहुत, पर वक़्त नहीं हैं पास उनके हमारे लिए
करते हैं वो प्यार हमसे बेहद, पर वक़्त नहीं हैं पास उनके जताने के लिए
-दीपिका जैन

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