Bhanwre Ka Phoolon Se Pyar / भँवरे का फूलों से प्यार (Poetry On Nature)
Bhanwre Ka Phoolon Se Pyar / भँवरे का फूलों से प्यार (Poetry On Nature)
यक़ीनन बेहद ही खूबसूरत नज़ारा हैं वो
रंग-बिरंगे फूलों का दीवाना हैं वो
कभी इधर तो कभी उधर उड़ता हैं वो
इस खूबसूरत बग़िया की जान हैं वो
करता हैं रसपान जब बैठ फूलों पे वो
लगता हैं दृश्य दिल को मनमोहक वो
ठहर जाती हैं नज़र सबकी देख मंज़र वो
प्रकृति से मिला हमें एक अद्भुत उपहार हैं वो
भँवरे का फूलों से और फूलों का भँवरे से प्यार हैं वो
यक़ीनन बेहद ही खूबसूरत नज़ारा हैं वो
-दीपिका जैन

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