Aaina Vicharon Ka / आईना विचारों का (Poetry On Dream)
Aaina Vicharon Ka / आईना विचारों का (Poetry On Dream)
ना जाने कैसे-कैसे नज़ारे नज़र आते हैं
ख़्वाबों में
कभी हक़ीक़त, तो कभी फ़साने नज़र आते हैं ख़्वाबों में
अद्भुत हैं ये दुनिया सपनों की,
मुश्किल हैं समझना इसे
कोई करता नहीं यकीं, तो कोई कहता इन्हें आईना विचारों का
जो भी हो हमें आशा भी ये ही देते, और
निराश भी ये ही करते
खुशियाँ भी ये ही देते, ग़मों के भंवर में भी ये ही धकेलते
आ जाये कोई ख़्वाब अद्भुत तो उसे हम शिद्द्त से विचारते
कभी किसी को जाते भूल, तो कभी कोई याद रह जाते
ना जाने कैसे-कैसे नज़ारे नज़र आते हैं
ख़्वाबों में
कभी हक़ीक़त, तो कभी फ़साने नज़र आते हैं ख़्वाबों में

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