Safar Hain Ye Zindagi Ka / सफर है ये ज़िंदगी का (Poetry On Positive Thinking)
Safar Hain Ye Zindagi Ka / सफर है ये ज़िंदगी का (Poetry On
Positive Thinking)
सफ़र हैं ये ज़िन्दगी का, मिलेंगे काँटे इसमें बेशुमार
पर तुम ना लड़खड़ाना, चुभ भी जाए अगर कोई काँटा तो
परीक्षा हैं ये सहन शक्ति की तुम्हारी, असफल मत होना
भरोसा रखना खुद पे तुम, और खुद की क़ाबलियत पे
और करते जाना मेहनत, मिल जाएगी सफलता यक़ीनन
लेकिन खोना ना तू सम्मान अपना, फिर ना मिलेगा कभी
पूंजी हैं ये जीवनभर की, तेरी, और तेरे अपनो की
इसे खोकर जो पायेगा तू, कभी साथ ना रख पायेगा
सफ़र हैं ये ज़िन्दगी का, मिलेंगे काँटे इसमें बेशुमार
पर तुम ना लड़खड़ाना, चुभ भी जाए अगर कोई काँटा तो
-दीपिका जैन

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