Tujhe Yaad Kar Raha Hun / तुझे याद कर रहा हूँ (A Sad Love Poetry)

Tujhe Yaad Kar Raha Hun / तुझे याद कर रहा हूँ (A Sad Love Poetry)   यूँ तो आदत नहीं मुझे पीने की, पर आज पी रहा हूँ  दगा मिली हैं जो मोहब्बत में, उसका ग़म मना रहा हूँ  होगी वो खुश अब छोड़कर मुझे, ये सोच खुश हो रहा हूँ  अगले ही पल याद कर उसकी मीठी-मीठी बातें मुस्कुरा रहा हूँ  कितना अज़ीब हैं ये इश्क़ भी, ना जाने क्यों आज ये सोच रहा हूँ  क्यों होता हैं नामुमकिन प्यार को भूलाना, खुद से ही पूछ रहा हूँ  आ रही हैं नज़र मुझे हर तरफ वो ही वो जिधर देख रहा हूँ  हक़ीक़त में तो उसे याद करने के बहाने आज ढूँढ रहा हूँ  यूँ तो आदत नहीं मुझे पीने की, पर आज पी रहा हूँ  दगा मिली हैं जो मोहब्बत में, उसका ग़म मना रहा हूँ   -दीपिका जैन



Tujhe Yaad Kar Raha Hun / तुझे याद कर रहा हूँ (A Sad Love Poetry)

 

 यूँ तो आदत नहीं मुझे पीने की, पर आज पी रहा हूँ 

दगा मिली हैं जो मोहब्बत में, उसका ग़म मना रहा हूँ 

होगी वो खुश अब छोड़कर मुझे, ये सोच खुश हो रहा हूँ 

अगले ही पल याद कर उसकी मीठी-मीठी बातें मुस्कुरा रहा हूँ 

कितना अज़ीब हैं ये इश्क़ भी, ना जाने क्यों आज ये सोच रहा हूँ 

क्यों होता हैं नामुमकिन प्यार को भूलाना, खुद से ही पूछ रहा हूँ 

आ रही हैं नज़र मुझे हर तरफ वो ही वो जिधर देख रहा हूँ 

हक़ीक़त में तो उसे याद करने के बहाने आज ढूँढ रहा हूँ 

यूँ तो आदत नहीं मुझे पीने की, पर आज पी रहा हूँ 

दगा मिली हैं जो मोहब्बत में, उसका ग़म मना रहा हूँ 

 

-दीपिका जैन 

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