Samet Lo Khushiyaan/ समेट लो खुशियाँ (Poetry On Happiness)

Samet Lo Khushiyaan/ समेट लो खुशियाँ (Poetry On Happiness)     एक पल की भी ख़ुशी होती हैं अनमोल  समेट लो इन ख़ुशियों को दामन में अपने  ना जाने कब ला दे ये तुम्हारे लबों पे मुस्कान  ज़िन्दगी का सबसे अनमोल उपहार होती हैं ये  ग़मों से लड़ने का सहारा बन जाती हैं ये  आँसुओं को मुस्कराहट में बदल देती हैं ये  ये एक ऐसा खज़ाना हैं जिसका नहीं कोई मोल  ग़र लुटाओगें तुम इसे तो होगा नहीं कभी ये कम  यक़ीनन इनके होने से मिलेगी नहीं जगह दुःखों को  एक पल की भी ख़ुशी होती हैं अनमोल  समेट लो इन ख़ुशियों को दामन में अपने     -दीपिका जैन



Samet Lo Khushiyaan/ समेट लो खुशियाँ (Poetry On Happiness)

 

एक पल की भी ख़ुशी होती हैं अनमोल

समेट लो इन ख़ुशियों को दामन में अपने

ना जाने कब ला दे ये तुम्हारे लबों पे मुस्कान

ज़िन्दगी का सबसे अनमोल उपहार होती हैं ये

ग़मों से लड़ने का सहारा बन जाती हैं ये

आँसुओं को मुस्कराहट में बदल देती हैं ये

ये एक ऐसा खज़ाना हैं जिसका नहीं कोई मोल

ग़र लुटाओगें तुम इसे तो होगा नहीं कभी ये कम

यक़ीनन इनके होने से मिलेगी नहीं जगह दुःखों को

एक पल की भी ख़ुशी होती हैं अनमोल

समेट लो इन ख़ुशियों को दामन में अपने

 

-दीपिका जैन 

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