Aansuon Ko Jagah Naa Dena / आँसुओं को जगह ना देना ( Poetry On Life)
Aansuon Ko Jagah Naa Dena / आँसुओं को जगह ना देना ( Poetry On Life)
ज़िन्दगी हैं तो ग़म भी हैं, और खुशियाँ भी
समेट लो इन ख़ुशियों को दामन में अपने
आने दो इनकी वजह से मुस्कान लबों पे
ग़र कभी आ जाए दर्द भरे आँसू आँखों में
तो मुस्कुरा देना, पर आँसुओं को जगह ना देना
समझाना ना मुश्किलों में ख़ुद को कभी मज़बूर
ये मज़बूरियाँ ही होती हैं हिम्मत, इतना समझ लेना
जितना सहोगे दर्द उतनी ही खुशियाँ
लगेंगी अनमोल
बस ज़िन्दगी का इतना सा फ़लसफ़ा तुम जान लेना
-दीपिका जैन

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