Shukriya-E-Khuda (Poetry On God)




करते हैं इबादत पर कभी तेरी सूरत देखी नहीं
हैं यकीं तू खूबसूरत नज़र आता होगा ऐ खुदा
आरम्भ हो या अन्त दिन का करते हैं तुझे याद
दी हैं तूने हमें जो ये जिंदगी तेरा शुक्रिया ऐ खुदा
कहते हैं सभी काबिल-ए-तारीफ रचनाकार हैं तू
की हैं तूने रचना इस अद्भुत कायनात की ऐ खुदा
करते हैं इबादत पर कभी तेरी सूरत देखी नहीं
हैं यकीं तू खूबसूरत नज़र आता होगा ऐ खुदा
बच्चों की हँसी में हैं तू तो कभी बुज़ुर्गों की दुआओं में
समझना हैं मुश्किल तूझे और तेरे हर रूप को ऐ ख़ुदा
ख़ुशियों में याद आता हैं तू और आता हैं याद ग़मो में
रहता तू कण-कण में तुझसे ही हैं ये दुनिया ऐ खुदा
करते हैं इबादत पर कभी तेरी सूरत देखी नहीं
हैं यकीं तू खूबसूरत नज़र आता होगा ऐ खुदा

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