Sabse Sunder Rachana (Poetry On God)


ईश्वर की बनाई हर रचना हैं खूबसूरत, मन मोह लेती ये सबका
प्रशंसा कर सके कोई इसकी, ऐसे शब्द ही नहीं शब्दावली में
बनाए उसने ऊँचे-ऊँचे पर्वत, झरने, नदियाँ, और विराट सागर
साहिल से टकराती लहरेंआसमां को निरन्तर निहारती ये धरा
बगियाँ में रंग-बिरंगे फूल खिला, तोहफा दिया उन्हें खुशबू का
अद्भुत नज़र आता दृश्य वो, करते जब भवरें रसपान पुष्पों का

ईश्वर की बनाई हर रचना हैं खूबसूरत, मन मोह लेती ये सबका
प्रशंसा कर सके कोई इसकी, ऐसे शब्द ही नहीं शब्दावली में
पंछियों का काफ़िला, हर ओर आसमां में पंख फैला आता नज़र
सुनाते जब ये अपनी मधुर वाणी, मोहित हो जाता इन पे हर शख्स
विभिन्न प्रकार के मौसमों का दिया है तोहफा, हमकों भगवान् ने
सर्दी हो, या गर्मी, या हो बारिश हर मौसम लगता लुभावना हमको

ईश्वर की बनाई हर रचना हैं खूबसूरत, मन मोह लेती ये सबका
प्रशंसा कर सके कोई इसकी, ऐसे शब्द ही नहीं शब्दावली में
कहते सब, दुनिया में मनुष्य हैं परमेश्वर की सबसे सुन्दर रचना
लेकिन देखा जब मैंने खुद की नज़रों से मनमोहक कायनात को
एक ही नज़र में कायल हो गई इसकी, और इसके रचनाकार की
तारीफ़ उस खुदा की, जिसने बनाया हैं काबिल-ए तारीफ़ ये जहाँ
ईश्वर की बनाई हर रचना हैं खूबसूरत, मन मोह लेती ये सबका
प्रशंसा कर सके कोई इसकी, ऐसे शब्द ही नहीं शब्दावली में

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