Happy Children's Day
ये बचपन कितना प्यारा होता था, उम्र के हर पड़ाव से
न्यारा होता था
ना कोई चिंता, ना कोई फ़िक्र, बस अपनी ही धुन में
चलता रहता था
माँ के प्यार, पिता के दुलार, भाई-बहन के स्नेह का दीवाना होता था
दादा-दादी, नाना-नानी की कहानियों का एक
अद्भुत संसार होता था
जो ना भूल पाए हम कभी ऐसे अविस्मरणीय पलों का तोहफ़ा होता था
इस बचपन का हर लम्हा हमारे जीवन का अनमोल खज़ाना होता था
ये बचपन कितना प्यारा होता था उम्र के हर पड़ाव से
न्यारा होता था
ना कोई चिंता, ना कोई फ़िक्र, बस अपनी ही धुन में
चलता रहता था
मचाते थे जब आँगन में उत्पात हम कर देते थे परेशां हर शख्स को
पड़ती थी जब डांट माँ की रो-रोकर सारा घर सिर पर
लेते थे उठा
आकर कोई माँ को भी तो डाँटे इसी उम्मीद से हर
शख्स को देखते थे
याद आते हैं जब वो पल अब, लबों पे आ जाती हैं एक मीठी-सी मुस्कान
ये बचपन कितना प्यारा होता था, उम्र के हर पड़ाव से
न्यारा होता था
ना कोई चिंता, ना कोई फ़िक्र, बस अपनी ही धुन में
चलता रहता था
नन्हे-नन्हे दोस्तों का साथ हमें एक अलग ही दुनिया में
ले जाता था
बिछुड गए वो दोस्त, मिल जिन संग कभी मुस्कुराते तो कभी
बहाते आँसू थे
बीत गया हैं समय अब वो, बस रह गयी हैं यादें
उसकी ज़ेहन में हमारे
इन यादों को करते हैं जीवित बाल-दिवस के मौके पर
चाचा नेहरू प्यारे
ये बचपन कितना प्यारा होता था, उम्र के हर पड़ाव से न्यारा होता था
ना कोई चिंता, ना कोई फ़िक्र, बस अपनी ही धुन में चलता रहता था
ना कोई चिंता, ना कोई फ़िक्र, बस अपनी ही धुन में चलता रहता था

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