Motiyon Si Boondein (Poetry On Rain)




मोतियों-सी नज़र आती बारिश की बूँदें गिरती हैं जब धरा पे
महक जाती हैं ये फ़िजा माटी की सोंधी-सोंधी महक से
कितना अद्भुत हैं द्रश्य ये काले-काले बादलों के बरसने का
और देख इसे हर शख्स के खुशी से झूमकर नाचने-गाने का
बेसब्री से होता इंतज़ार इस खूबसूरत लम्हे का सभी को
इसलिए तो निगाहें सबकी तलाशती हैं आसमां में बादलों को
नज़र आते ही उनके मिलता हैं सुकून जो, शब्दों में ना हो पायेगा बयां वो
मोतियों-सी नज़र आती बारिश की बूँदें गिरती हैं जब धरा पे
महक जाती हैं ये फ़िजा माटी की सोंधी-सोंधी महक से
आ जाने से बारिश के हो जाता खुशनुमा ये वातावरण
गाती कोयल गीत खुशी के, नाचते मयूर होकर मस्त
मेंढकों की टर-टर भी तो लगती हमें मधुर संगीत सी
वो देखों कैसे बह्ती हैं सरिता इठलाती-बलखाती सी
होता हैं कुछ प्रतीत ऐसा मिल गया हो जैसे जीवन सबको
मोतियों-सी नज़र आती बारिश की बूँदें गिरती हैं जब धरा पे
महक जाती हैं ये फ़िजा माटी की सोंधी-सोंधी महक से

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