Khud Ki Sharton Pe Khushiyan/ खुद की शर्तो पे खुशियाँ (Poetry On optimism)
खुद की शर्तो पे निर्माण करेंगे
हम जीवन में खुशियों का
सुन्दर- सी एक तस्वीर बनायेंगे
भरा होगा जिससे रगं खुशियों का
कभी रूलायेगा, कभी हँसाएगा
जानते हैं ये रंग खुशियों का
फिर भी खुद की ही कुंची से
जीवन में रंग भरेंगे खुशियों का
कुछ ऐसे रंग चुनेंगे, तस्वीर के लिए
दुख भी लगेगा, रूप खुशियों का
खुद की शर्तो पे निर्माण करेंगे
हम जीवन में खुशियों का
दीपिका जैन

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें