Khushiyon Ke Pal / खुशियों के पल (Poetry On Daughter’s Day 2025)

Khushiyon Ke Pal / खुशियों के पल (Poetry On Daughter’s Day)     खुशियों के पल तो आते हैं अनेक ज़िंदगी में  लेकिन बेटी के जन्म लेने की खुशी नि:शब्द है     होता है प्रतीत ऐसा मिला हो जैसे ईश्वर का आशीर्वाद  खिल जाती मुस्कान लबों पे, देखते है जब उसकी ओर  प्यार-सी मुस्कान उसके होंठों की भर देती खुशियाँ अपार  घर-आँगन में हर ओर नज़र आता है उजियारा अंतहीन     खुशियों के पल तो आते हैं अनेक ज़िंदगी में  लेकिन बेटी के जन्म लेने की खुशी नि:शब्द है     फिर भी मनाती दुनिया ना जाने क्यों दुख उसके आने का  मानती है उसको बोझ उम्रभर सबसे बड़ा अपने जीवन का  किसी से छीन लेते हक दुनिया में आने का, किसी को देते दुख  हर कष्ट सहकार भी रहती वो चुप ये कैसी विडंबना है बेटियों की     खुशियों के पल तो आते हैं अनेक ज़िंदगी में  लेकिन बेटी के जन्म लेने की खुशी नि:शब्द है    कैसा भी व्यवहार हो बेटियों से अच्छा या बुरा जीवन में  देती ना तकलीफ़ वो किसी को होता है ऐसा उनका स्वभाव  समझों चाहे इन्हे दायित्व, वक्त आने पर काम आती हैं ये  हर दुख सहकार भी हर वक्त दिल से मुस्काती हैं ये बेटियाँ     खुशियों के पल तो आते हैं अनेक ज़िंदगी में  लेकिन बेटी के जन्म लेने की खुशी नि:शब्द है                                    -दीपिका जैन

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Khushiyon Ke Pal / खुशियों के पल (Poetry On Daughter’s Day)

 

खुशियों के पल तो आते हैं अनेक ज़िंदगी में

लेकिन बेटी के जन्म लेने की खुशी नि:शब्द है

 

होता है प्रतीत ऐसा मिला हो जैसे ईश्वर का आशीर्वाद

खिल जाती मुस्कान लबों पे, देखते है जब उसकी ओर

प्यार-सी मुस्कान उसके होंठों की भर देती खुशियाँ अपार

घर-आँगन में हर ओर नज़र आता है उजियारा अंतहीन

 

खुशियों के पल तो आते हैं अनेक ज़िंदगी में

लेकिन बेटी के जन्म लेने की खुशी नि:शब्द है

 

फिर भी मनाती दुनिया ना जाने क्यों दुख उसके आने का

मानती है उसको बोझ उम्रभर सबसे बड़ा अपने जीवन का

किसी से छीन लेते हक दुनिया में आने का, किसी को देते दुख

हर कष्ट सहकार भी रहती वो चुप ये कैसी विडंबना है बेटियों की

 

खुशियों के पल तो आते हैं अनेक ज़िंदगी में

लेकिन बेटी के जन्म लेने की खुशी नि:शब्द है


कैसा भी व्यवहार हो बेटियों से अच्छा या बुरा जीवन में

देती ना तकलीफ़ वो किसी को होता है ऐसा उनका स्वभाव

समझों चाहे इन्हे दायित्व, वक्त आने पर काम आती हैं ये

हर दुख सहकार भी हर वक्त दिल से मुस्काती हैं ये बेटियाँ

 

खुशियों के पल तो आते हैं अनेक ज़िंदगी में

लेकिन बेटी के जन्म लेने की खुशी नि:शब्द है

                                  -दीपिका जैन

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