Yaadein Pyar Kii /यादें प्यार की (Poetry On Love)
तेरे गीत सुन सुरीले, रोज़ाना होती थी रात मेरी
तेरी आवाज में ना जाने क्या जादू था प्रियतमा
करते थे कर्णपटल मेरे, शाम ढलने का इन्तजार
सच कहूँ तो इश्क नहीं है तू मेरा, तेरी आवाज है
तेरे होठों की मुस्कान है, बिखेरती है जो खुशियाँ
लेकिन तू कुछ अर्से से नहीं नजरों के सामने मेरी
यकीनन इन्तजार है नजरों को मेरी, बेसब्री से तेरा
पर कहता है जमाना, तू नहीं अब इस दुनिया में
फिर भी सुनता हूँ गीत तेरी आवाज में, हर रोज मैं
तेरा मुस्काता चेहरा देख होती थी सुबह मेरी
तेरे गीत सुन सुरीले, रोज़ाना होती थी रात मेरी
-दीपिका जैन

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें