Dosti Hai Anmol / दोस्ती है अनमोल (Poetry On Friendship Day 2024)
Dosti Hai
Anmol / दोस्ती है अनमोल (Poetry On Friendship Day 2024)
सोचा ना था कभी, गुजर रही है जो ज़िंदगी
अधूरी है वो, बिन तेरे साथ के ऐ मेरे दोस्त
तुझसे एक पल की भी दूरी सही नहीं जाती
हो खुशी, या हो दुख तू ही आता है याद मुझे
बाँट लू मन की हर बात तुझसे चाहता है दिल
यूँ तो रहता हूँ हर समय अपनों के बीच यार
लेकिन तुझ बिन लगता है सूना-सूना ये जीवन
है ख्वाहिश आ जाए तू नज़रों के सामने मेरी
और जकड़ लूँ तुझे बाँहों में अपनी, उम्रभर के लिए
जाने ना दूँ दूर खुद से, मिटा दूँ सारे गिले-शिकवे
है यकीन मुझे रहता होगा बैचेन तू भी मिलने को
तो फिर इंतजार क्यों, भूल सभी बातें पुरानी आजा
करेंगे दोस्ती एक नई शुरुआत इस फ्रेंडशिप डे पर
देंगे एक दूजे को उपहार अनमोल दोस्ती का मेरे यार
Happy friendship
day
-दीपिका जैन

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