Tauhin Pyar Ki / तौहीन प्यार की (Poetry On Love)
अधूरी
रह जाती है वो प्रेम-कहानी, मिलती नहीं जिसे मुकम्मल मंजिल
टूट जाते
है दिल उन आशिकों के, जो नहीं लड़ते जमानें से इश्क के लिए
यूँ तो
बेहद ही खूबसूरत एहसास है ये ज़िंदगी का, पर देता आँसू बेशुमार
हर कदम
मिलते काँटे इसकी राह में, बस समझना पड़ता है उन्हे पुष्प
नहीं
तो बन जाता नासूर, जख्म वो काँटों का ज़िंदगी भर के लिए
अजब है
ये प्यार भी, है जितना खूबसूरत देता उतनी ही तकलीफ है
यकीनन
होता है वो खुशकिस्मत, मिल जाती जिसे मोहब्बत अपनी
नहीं
तो कोशिशें जाती हैं बेकार, अनगिनीत मोहब्बत करने वालों की
कहता
है ज़माना जरूरी तो नहीं करना प्यार किसी से, शायद नादां है वो
जानता
नहीं खूबसूरती इसकी, नहीं तो कहता नहीं अल्फ़ाज़ कुछ ऐसे
सुन जिन्हे
हो जाए तौहीन प्यार की, और प्यार करने वालों की
-दीपिका जैन

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