Intezaar Khushiyon Ka / इंतज़ार खुशियों का (Poetry On Hope)
ज़िन्दगी में कुछ कर दिखाने का जुनून सवार हुआ मन में
अपने सपने को साकार करने का आज ख़्याल
आया मन में
देखा था एक ख़्वाब लेकिन कर ना सकी थी
साकार उसे मैं
शायद कुछ हालात थे ऐसे, जो टूट रहे थे सपने मेरे लगातार
फिर भी थी उम्मीद दिल में, बस चाहिए था साथ किसी का
समझ सके जो मेरे अरमानों को, दिल में बसे ज़ज़्बातों को
ज़िन्दगी में कुछ कर दिखाने का जुनून सवार हुआ मन में
अपने सपने को साकार करने का आज ख़्याल आया मन में
जानती थी मुकम्मल हो हर ख़्वाब मुमकिन
तो नहीं सबके लिए
कर रहीं थी फिर भी इंतज़ार अपनी ही
ज़िन्दगी में ख़ुशियों का
एक ऐसे फ़रिश्ते का जो आये चुपके से
मुस्काते हुए मेरे हयात में
और कह बढ़ा तू क़दम आगे, हूँ पीछे में साथ तेरा देने को हमेशा
ज़िन्दगी में कुछ कर दिखाने का जुनून सवार हुआ मन में
अपने सपने को साकार करने का आज ख़्याल आया मन में
-दीपिका जैन

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