Subah Ka Suraj / सुबह का सूरज (Poetry On Hope)
सुबह का सूरज आता हैं लेकर हमारे जीवन
में उम्मीदें हजार
कहता हैं मुश्किलें तो आयेंगी हर कदम
किन्तु मानना नहीं तुम हार
हर दिन एक नई उम्मीदें जगाता हैं, होता आगमन उसका नया
देता हैं संदेश हमें ये रोज, भूल जाओ तुम अँधेरा गुजरी रात का
रुकना नहीं तुम कभी, बढ़ते चलो ना घबराओ पथरीली राहों से
रखो जीवन में सोच सकरात्मक, यही तो हैं आधार सफलता का
सुबह का सूरज आता हैं लेकर हमारे जीवन
में उम्मीदें हजार
कहता हैं मुश्किलें तो आयेंगी हर कदम
किन्तु मानना नहीं तुम हार
नकरात्मक सोच का काला साया लगेगा
मँडराने कभी-कभी
ना होने देना हावी उसे तुम ऊपर अपने, बढ़ते जाना आगे-आगे
लगेंगे ठहरने कदम तुम्हारे, विचार भी डगमगायेंगे कभी-कभी
करना यकीं खुद पे, और मंजिल की और बढ़ते जाना आगे-आगे
सुबह का सूरज आता हैं लेकर हमारे जीवन
में उम्मीदें हजार
कहता हैं मुश्किलें तो आयेंगी हर कदम
किन्तु मानना नहीं तुम हार
-दीपिका जैन

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