Nanhi Pari / नन्ही परी (Poetry On Daughter)

मेरे घर आई जब एक नन्ही-सी परी होठों पे लिए मीठी-सी मुस्कान आ गयी ख़ुशियाँ ज़िन्दगी में मेरी बेशुमार समेटना था जिन्हे मुश्किल उसके नन्हे-नन्हे हाथों को प्यार से लिया जब मैंने अपने हाथों में थम गयी धड़कन मेरी कुछ पलों के लिए, अविवरणीय था वो अनुभव किलकारियाँ उसकी लगती मधुर संगीत-सी शब्दों में नहीं उनका वर्णन चाहे तो वो रोये या मुस्काये कभी बेवज़ह ही, सबकुछ उसका लगता प्यारा कैसे करूँ तेरा शुक्रिया ऐ ख़ुदा भरने के लिए ख़ुशियाँ मेरे आँचल में अनगिनित यक़ीनन अविस्मरणीय हैं ये पल, कहता हैं दिल थम जाए वक़्त यहीं मेरे घर आई जब एक नन्ही-सी परी होठों पे लिए मीठी-सी मुस्कान आ गयी ख़ुशियाँ ज़िन्दगी में मेरी बेशुमार समेटना था जिन्हे मुश्किल  -दीपिका जैन


नन्ही परी 

मेरे घर आई जब एक नन्ही-सी परी होठों पे लिए मीठी-सी मुस्कान

आ गयी ख़ुशियाँ ज़िन्दगी में मेरी बेशुमार समेटना था जिन्हे मुश्किल

उसके नन्हे-नन्हे हाथों को प्यार से लिया जब मैंने अपने हाथों में

थम गयी धड़कन मेरी कुछ पलों के लिए, अविवरणीय था वो अनुभव

किलकारियाँ उसकी लगती मधुर संगीत-सी शब्दों में नहीं उनका वर्णन

चाहे तो वो रोये या मुस्काये कभी बेवज़ह ही, सबकुछ उसका लगता प्यारा

कैसे करूँ तेरा शुक्रिया ऐ ख़ुदा भरने के लिए ख़ुशियाँ मेरे आँचल में अनगिनित

यक़ीनन अविस्मरणीय हैं ये पल, कहता हैं दिल थम जाए वक़्त यहीं

मेरे घर आई जब एक नन्ही-सी परी होठों पे लिए मीठी-सी मुस्कान

आ गयी ख़ुशियाँ ज़िन्दगी में मेरी बेशुमार समेटना था जिन्हे मुश्किल

 

-दीपिका जैन 


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