Khuda Ki Ibadat Karte Hain Hum / खुदा की इबादत करते हैं हम (Poetry On God)

 Khuda Ki Ibadat Karte Hain Hum / खुदा की इबादत करते हैं हम (Poetry On God)    ख़ुदा की इबादत करते हैं, अपने लिए नहीं अपनों के लिए माँगते है हम   यूँ तो वो वाकिफ़ हैं हमारी ख़्वाहिशों से, दे देता हैं सबकुछ बिन माँगे ही  फिर भी उससे गुफ़्तगू करने का बहाना ढूँढ़ते हैं, हम कहते हैं वो सुनता हैं   कहते हैं आता नहीं नज़र वो कहीं भी,  फिर भी कण-कण में वो बसता हैं   देखी नहीं कभी सूरत खुदा की, फिर भी बनाते हैं तस्वीर उसकी हम  करते हैं हम शुक्रिया ख़ुदा का, बनाया जो उसने हिस्सा हमें इस दुनिया का   और दी हैं हमें ये अतुलनीय कायनात, रहेंगे ऋणी हम उसके जन्म-जन्म   कहता है कोई उसे खुदा, तो कोई ईश्वर,कोई कहता जीसस, तो कोई नानक   लेकिन सब एक हैं, एक ही खुदा के ये नाम हैं, बस दिल से हम उसे पुकारे   यक़ीनन वो सुनेगा हमारी, करेगा नहीं निराश, ग़र रखे हम यकीं ख़ुद पे   ख़ुदा की इबादत करते हैं हम, अपने लिए नहीं अपनों के लिए माँगते है हम   यूँ तो वो वाकिफ़ हैं हमारी ख़्वाहिशों से, दे देता हैं सबकुछ बिन माँगे ही     -दीपिका जैन

Image by Gerd Altmann from Pixabay 



Khuda Ki Ibadat Karte Hain Hum / खुदा की इबादत करते हैं हम (Poetry On God)

 

ख़ुदा की इबादत करते हैं, अपने लिए नहीं अपनों के लिए माँगते है हम 

यूँ तो वो वाकिफ़ हैं हमारी ख़्वाहिशों से, दे देता हैं सबकुछ बिन माँगे ही

फिर भी उससे गुफ़्तगू करने का बहाना ढूँढ़ते हैं, हम कहते हैं वो सुनता हैं 

कहते हैं आता नहीं नज़र वो कहीं भी,  फिर भी कण-कण में वो बसता हैं 

देखी नहीं कभी सूरत खुदा की, फिर भी बनाते हैं तस्वीर उसकी हम

करते हैं हम शुक्रिया ख़ुदा का, बनाया जो उसने हिस्सा हमें इस दुनिया का 

और दी हैं हमें ये अतुलनीय कायनात, रहेंगे ऋणी हम उसके जन्म-जन्म 

कहता है कोई उसे खुदा, तो कोई ईश्वर,कोई कहता जीसस, तो कोई नानक 

लेकिन सब एक हैं, एक ही खुदा के ये नाम हैं, बस दिल से हम उसे पुकारे 

यक़ीनन वो सुनेगा हमारी, करेगा नहीं निराश, ग़र रखे हम यकीं ख़ुद पे 

ख़ुदा की इबादत करते हैं हम, अपने लिए नहीं अपनों के लिए माँगते है हम 

यूँ तो वो वाकिफ़ हैं हमारी ख़्वाहिशों सेदे देता हैं सबकुछ बिन माँगे ही

 

-दीपिका जैन


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