Tera Har Kadam Anjaana Hain / तेरा हर कदम अनजाना है (Poetry On Life)
Tera Har Kadam
Anjaana Hain / तेरा
हर कदम अनजाना है (Poetry On Life)
ज़ख़्म भी तूने दिए, और दवा भी तूने दी
आँसू भी तूने दिए, और मुस्कान भी तूने दी
ऐ ज़िन्दगी तू भी हैं ग़ज़ब, रुलाकर हँसाती हैं
अगर हँसाना ही हैं तो, तू क्यों हमें रुलाती हैं
क्यों ग़मों से हर क़दम रूबरू करवाती हैं
सच कहते हैं लोग अनजाना हैं हर क़दम तेरा
जी रहे हैं ऐसे जैसे की सुलझा रहे हो
कोई पहेली
लेकिन मिलता नहीं जवाब हमें ढूँढने से भी
फिर भी तेरे हर फ़ैसले को अपना रहे हैं
और तुझे समझने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं
-दीपिका जैन

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